विद्यालय का पुस्तकालय विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण शिक्षण संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करता है। यह शैक्षणिक अधिगम, पठन-अभिरुचि, शोध एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहयोग हेतु पुस्तकों, संदर्भ सामग्री, पत्र-पत्रिकाओं एवं डिजिटल संसाधनों तक पहुँच प्रदान करता है।
डिजिटल पुस्तकालय एवं ई-ग्रंथालय
डिजिटल पुस्तकालय डिजिटल संसाधनों का एक ऐसा संग्रह है, जिसे डिजिटल उपकरणों के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है। यह उपयोगकर्ताओं को शैक्षिक एवं सूचनात्मक संसाधनों तक सुविधाजनक पहुँच प्रदान करता है तथा भौतिक पुस्तकालय से परे सीखने के अवसरों को बढ़ावा देता है।
डिजिटल पुस्तकालय की प्रमुख विशेषताएँ एवं लाभ:
- सुलभता: इंटरनेट-सक्षम उपकरणों के माध्यम से किसी भी समय एवं विभिन्न स्थानों से डिजिटल संसाधनों तक पहुँच प्रदान करना।
- खोज सुविधा: पुस्तकों, विषयों, लेखकों, शीर्षकों एवं अन्य संसाधनों को शीघ्रता से खोजने की सुविधा प्रदान करना।
- डिजिटल संसाधन: शैक्षिक सामग्री, मल्टीमीडिया संसाधनों एवं अन्य डिजिटल सामग्री तक पहुँच प्रदान करना।
- संरक्षण: महत्वपूर्ण डिजिटल संसाधनों के संरक्षण एवं दीर्घकालिक उपलब्धता में सहयोग करना।
- अधिगम में सहयोग: विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अन्य उपयोगकर्ताओं को शिक्षण, अधिगम एवं शोध में सहायता हेतु अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराना।
- दूरस्थ पहुँच: भौतिक पुस्तकालय के अतिरिक्त अन्य स्थानों से भी शिक्षण-अधिगम संसाधनों तक पहुँच को सुगम बनाना।
ई-ग्रंथालय (e-Granthalaya) भारत सरकार के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित पुस्तकालय प्रबंधन सॉफ्टवेयर है। यह पुस्तकों एवं अन्य पुस्तकालय संसाधनों के सूचीकरण, निर्गमन-वापसी, अधिग्रहण एवं प्रबंधन जैसी विभिन्न पुस्तकालय गतिविधियों में सहयोग करता है। यह प्रणाली पुस्तकालय अभिलेखों के व्यवस्थित रखरखाव तथा प्रभावी पुस्तकालय सेवाएँ प्रदान करने में सहायक है।
पुस्तकालय प्रभारी के दायित्व एवं उत्तरदायित्व
- विद्यालय पुस्तकालय के सुचारु संचालन एवं व्यवस्थित प्रबंधन को सुनिश्चित करना।
- पुस्तकालय संसाधनों एवं लेन-देन से संबंधित अभिलेखों, रजिस्टरों एवं अन्य दस्तावेजों का उचित संधारण एवं अद्यतन करना।
- पुस्तकों एवं अन्य पुस्तकालय संसाधनों का अभिग्रहण, वर्गीकरण, सूचीकरण एवं उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना।
- निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुसार पुस्तकों एवं अन्य पुस्तकालय सामग्री का निर्गमन एवं वापसी सुनिश्चित करना।
- निर्गत, वापस प्राप्त, खोई, क्षतिग्रस्त अथवा अनुपयोगी घोषित की गई पुस्तकों का उचित अभिलेख रखना।
- पुस्तकालय की पुस्तकों एवं अन्य संसाधनों के उचित संरक्षण, रखरखाव एवं सुरक्षित अभिरक्षा को सुनिश्चित करना।
- पुस्तकालय प्रबंधन हेतु डिजिटल पुस्तकालय संसाधनों एवं ई-ग्रंथालय का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना।
- विद्यार्थियों में पठन-अभिरुचि विकसित करने तथा पुस्तकालय संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना।
- विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों की शैक्षणिक एवं सूचनात्मक आवश्यकताओं के अनुरूप उपयुक्त पठन एवं संदर्भ सामग्री उपलब्ध कराने में सहयोग करना।
- पुस्तकालय संग्रह की समय-समय पर समीक्षा करना तथा नई पुस्तकों, संदर्भ सामग्री, पत्र-पत्रिकाओं एवं अन्य संसाधनों की आवश्यकता का आकलन करना।
- नवीन प्राप्त पुस्तकों एवं अन्य पुस्तकालय सामग्री का अद्यतन अभिलेख रखना।
- पुस्तकालय को स्वच्छ, व्यवस्थित, सुलभ एवं पठन-अधिगम के लिए अनुकूल बनाए रखना।
- विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को उपयुक्त पुस्तकों एवं संदर्भ सामग्री की खोज एवं चयन में सहायता करना।
- पुस्तकालय निरीक्षण, रिपोर्टिंग एवं आधिकारिक कार्यों हेतु आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज संधारित करना।
- आवश्यकतानुसार पुस्तकालय से संबंधित रिपोर्ट एवं सूचनाएँ प्राचार्य को प्रस्तुत करना।
- प्राचार्य द्वारा समय-समय पर सौंपे गए अन्य पुस्तकालय संबंधी कार्यों का निष्पादन करना।
पुस्तकालय प्रभारी — शैक्षणिक सत्र 2026-27
| क्रम सं. | कर्मचारी का नाम | पदनाम | दायित्व |
|---|---|---|---|
| 1 | श्री सतीश कुमार | टीजीटी कार्य शिक्षा | पुस्तकालय प्रभारी |