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    कार्य

    व्यावसायिक प्रयोगशाला का निर्माण

    पीएम श्री पहल के अंतर्गत

    विद्यालय में व्यावसायिक प्रयोगशाला का निर्माण कार्य प्रतिष्ठित पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) पहल के अंतर्गत प्रगति पर है। इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों को आधुनिक एवं सुसज्जित संस्थानों में परिवर्तित करना है, जो विद्यार्थियों के कौशल आधारित शिक्षा एवं समग्र विकास को प्रोत्साहित करते हैं।

    व्यावसायिक प्रयोगशाला की स्थापना हेतु ₹37.66 लाख की राशि स्वीकृत की गई है।
    स्वीकृत संपूर्ण राशि निर्माण कार्य के निष्पादन हेतु लोक निर्माण विभाग (PWD) को हस्तांतरित कर दी गई है।

    निर्माण कार्य स्वीकृत योजना के अनुसार प्रारंभ किया गया है तथा इसका कार्य सख्त निगरानी में किया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 70% कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रमुख संरचनात्मक कार्य जैसे नींव, दीवारें, छत तथा मूल ढांचा सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।

    चित्र: निर्माण कार्य प्रगति पर (संरचना पूर्णता चरण)

    वर्तमान में प्लास्टरिंग, फ्लोरिंग, विद्युत कार्य एवं अन्य फिटिंग जैसे अंतिम चरण के कार्य प्रगति पर हैं। निर्माण कार्य गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों एवं टिकाऊपन को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, ताकि एक सुदृढ़ एवं उपयोगी संरचना तैयार की जा सके।

    यह व्यावसायिक प्रयोगशाला विद्यार्थियों को विभिन्न कौशल आधारित क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव एवं प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु विकसित की जा रही है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसमें व्यावसायिक शिक्षा एवं अनुभवात्मक अधिगम पर विशेष बल दिया गया है।

    विद्यालय प्रशासन द्वारा निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है तथा PWD अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। समय-समय पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कार्य निर्धारित समयसीमा एवं मानकों के अनुरूप हो।

    चित्र: व्यावसायिक प्रयोगशाला का प्रारंभिक चरण

    अपेक्षा की जाती है कि शेष निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर लिया जाएगा। पूर्ण होने के उपरांत, इस प्रयोगशाला को आधुनिक उपकरणों एवं संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे यह विद्यार्थियों के उपयोग हेतु पूर्णतः क्रियाशील हो सके।

    इस व्यावसायिक प्रयोगशाला की स्थापना से विद्यालय के अधोसंरचना में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी तथा विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल विकसित करने के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे उनके रोजगारोन्मुखी कौशल एवं शैक्षिक परिणामों में सुधार होगा।

    समग्र रूप से, परियोजना की प्रगति संतोषजनक है तथा इसके समयबद्ध एवं सफल पूर्णता हेतु सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।